कोविड-19 का इलाज शुरू करने वाला बीएसएफ का पहला अस्पताल बना कोलकाता का कंपोजिट हॉस्पिटल

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देशभर में कोरोना के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस संक्रमण की चपेट में कोलकाता सहित अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों के जवान भी आ रहे हैं। इसको देखते हुए कोलकाता के साल्टलेक में स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कंपोजिट अस्पताल में कोविड-19 के इलाज की सुविधा शुरू की गई है।

संभवतः पूरे देश में बीएसएफ का यह पहला अस्पताल है जहां अर्धसैनिक बलों से जुड़े कोविड-19 के पॉजिटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है।‌ बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के अंतर्गत संचालित इस कंपोजिट अस्पताल के सुपरीटेंडेंट डीआइजी (मेडिकल) डॉक्टर तारकेश्वर प्रसाद ने बताया, ‘हम हर तरह से तैयार व कोविड से संक्रमित जवानों का इलाज में सक्षम हैं। हमारे अस्पताल में सभी प्रकार के स्पेशलिस्ट डॉक्टर व उपकरण मौजूद हैं। इस समय बीएसएफ के सात कोरोना पॉजिटिव जवानों का यहां इलाज चल रहा है और उन सभी में तेजी से सुधार हो रहा है।’

उन्होंने आगे बताया ‘जब से कोविड-19 ने सीमा सुरक्षा बल में दस्तक दी है तभी से हमने यहां पूरी तैयारी कर ली थी ताकि अर्धसैनिक बलों के कोरोना मरीजों का यहां पर उपचार हो सके। अबतक करीब 70 जवानों को क्वॉरंटाइन सुविधा भी यहां मुहैया करा चुके हैं। यहां कोविड के इलाज की केंद्र सरकार से भी पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।‌ राज्य सरकार को भी हमने पहले ही लिखकर सूचित कर दिया है कि यहां पर बीएसएफ का कोविड अस्पताल चल रहा है।

राज्य भी पूरा सपोर्ट कर रहा है और उन्होंने पीपीई, हैंड सैनिटाइजर, ग्लब्स व मास्क भी उपलब्ध कराया है।’ डॉक्टर प्रसाद ने बताया कि हमारे यहां 30 अप्रैल की रात को पहला पॉजिटिव केस आया था। 1 मई से ही यहां कोविड का इलाज शुरू है। बीएसएफ के अलावा सीआरपीएफ, सीआइएसएफ, एनडीआरएफ, आइटीबीपी, एनएसजी से जुड़े जवानों व उनके परिवारों के इलाज की यहां सुविधा है। अधिक से अधिक 30 पॉजिटिव मरीजों को हम यहां रख सकते हैं।

उन्होंने बताया कि स्टेज 2 तक हम कंट्रोल कर लेंगे। वेंटिलेशन को छोड़कर सारी सुविधाएं ऑक्सीजन आदि सभी यहां मौजूद है। वेंटिलेशन थर्ड स्टेज में आता है। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मामला नहीं होने से अमूमन स्टेज 2 तक में ही लोग ठीक हो जाते हैं। अधिकतर जवान यहां इसी में ठीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि 50 बेड वाले इस अस्पताल में कोविड के उपचार के लिए अलग व्यवस्था है जबकि ओपीडी सेवा भी चालू है। हमारे यहां जो हो सकता है उसका इलाज हम कर रहे हैं।

डॉ प्रसाद के अनुसार, पूरे बीएसएफ में यह पहला अस्पताल है जो पॉजिटिव केस का इलाज कर रहा है। इस अस्पताल में 70 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ हैं जिनमें स्पेशलिस्ट डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ आदि शामिल हैं। डॉक्टर प्रसाद ने बताया कि दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के आइजी योगेश बहादुर खुरानिया (आइपीएस) भी समय- समय पर अस्पताल का विजिट करते हैं और जो कमी होती है उसे तुरंत मुहैया कराते हैं।

वहीं, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के डीआइजी व वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि हमारे बल के यदि कोई जवान संक्रमित हो रहे हैं तो उन्हें बीएसएफ के ही अस्पताल में बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। बता दें कि कोलकाता में अबतक बीएसएफ के 13 जवान संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से छह जवान ठीक हो चुके हैं। 7 जवानों का अभी बीएसएफ अस्पताल में इलाज चल रहा है।

Source By:- Dainik Jagran

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